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भारतीय उर्वरक संघ (FAI) ने वार्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया   

देश में उर्वरक निर्माता कंपनियों का नेतृत्व करने वाली भारतीय उर्वरक संघ (FAI) ने 3 दिवसीय वार्षिक संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया। यह संगोष्ठी 1 से 3 दिसंबर तक आयोजित किया गया। 

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समाचार, 02 Dec, 2021, (अपडेटेड 02 Dec, 2021 11:00PM)

देश में उर्वरक निर्माता कंपनियों का नेतृत्व करने वाली भारतीय उर्वरक संघ (FAI) ने 3 दिवसीय वार्षिक संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया। यह संगोष्ठी 1 से 3 दिसंबर तक आयोजित की गयी । देश में उर्वरक निर्माता कंपनियों का नेतृत्व करने वाली भारतीय उर्वरक संघ (FAI) ने 3 दिवसीय वार्षिक संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया। 

FAI organized annual seminar 2021 - Fasal Kranti
कार्यक्रम का उद्घाटन  पहले दिन दिल्ली स्थित इंडियन हैबिटैट सेंटर में किया गया। ज्ञात रहे कि  इस कार्यक्रम को पहले दिन फिजिकल रूप से और बाकी दो दिन वर्चुअल रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ.  त्रिलोचन महापात्र, महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद  एवं सचिव DARE एवं FAI के चेयरमैन के.एस. राजू ने दीप प्रवज्जलित करके किया। इस वार्षिक संगोष्ठी को 'उर्वरक और कृषि में चुनौतियां' विषय के पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय उर्वरक संघ (FAI) के महानिदेशक सतीश चन्द्र ने ओपनिंग रिमार्क्स के साथ की। इस दौरान उन्होंने इस संगोष्ठी के मुख्य बिन्दुओं से प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय उर्वरक संघ (FAI ) गैर-व्यापारिक संघ है जो मुख्य रूप से उर्वरक निर्माताओं, वितरकों और आपूर्तिकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करता है।
FAI organized annual seminar 2021 - Fasal Kranti

FAI  के महानिदेशक सतीश चंद्र ने कहा कि, "यह एक बहुत बड़ा आयोजन है। इसमें लगभग 600 प्रतिनिधि  वर्चुअल रूप से जुड़े हुए हैं। FAI  एक 66 वर्ष पुराना उर्वरक उद्योग का  महत्वपूर्ण संगठन है।इसके बाद भारतीय उर्वरक संघ (FAI) के चेयरमैन के. एस. राजू ने सभी को संबोधित करते हुए भारतीय उर्वरक उद्योग पर प्रकाश डाला और  उन्होंने कहा कि, " उर्वरक क्षेत्र का बहुत अधिक महत्व है, इसका प्रमाण है कि पिछले साल हमने 67 मिलियन टन की खपत को पूरा किया। यह इसके महत्व को बताता है। इसके बाद पुरुस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न श्रेणियों में उर्वरक निर्माता कंपनियों, कृषि वैज्ञानिकों और इंस्टिट्यूशनो  को  पुरूस्कार प्रदान किए गए।

इस दौरान डॉ यूएस अवस्थी इफको अवार्ड  भी दिया गया।  यह अवार्ड बागवानी क्षेत्र में डॉ. के. एल. चड्ढा  को पहली बार दिया गया। अवार्ड समारोह के बाद मुख्य अतिथि डॉ त्रिलोचन महापात्र ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि उर्वरक का कृषि में एक विशेष महत्व है। उन्होंने संतुलित उर्वरकों के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि उर्वरकों का निर्धारित मात्रा से अधिक उपयोग नुकसानदेह होता है। इसलिए हमें उर्वरकों के संतुलित उर्वरकों को बढ़ावा देना होगा। कार्यक्रम में इफको के चेयरमैन डॉ. यूएस अवस्थी, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. के. एल. चड्ढा व अन्य गणमान्य  उपस्थित रहे। 

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