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सीएमएचओ ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम का शुभारंभ किया

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सुरेश बौद्ध एवं सिविल सर्जन डॉ. ज्योति चौहान ने आगनंबाडी केन्द्र-5 इन्द्रानगर वार्ड सिविल लाइन में महक यादव उम्र 11 साल की किशोरी को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम का षुभारंम किया।

fasalkranti.in
समाचार, 14 Sep, 2021
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.सुरेश बौद्ध एवं सिविल सर्जन डॉ. ज्योति चौहान ने आगनंबाडी केन्द्र-5 इन्द्रानगर वार्ड सिविल लाइन में महक यादव उम्र 11 साल की किशोरी को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम का षुभारंम किया। कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों प्रवीण यादव, मानवी यादव को गोली खिलाई गई। माताओं को जिला स्वास्थ्य अधिकारी -1 डॉ.अचला जैन ने बताया कि गंभीर कृमि संक्रमण से कई लक्षण बच्चों में उत्पन्न हो सकते हैं, जैसे -दस्त, पेट में दर्द, कमजोरी, उल्टी और भूख न लगना, संक्रमित बच्चे के षौच में कृमि के अंडे होते हैं। खुले में शौच करने से ये अंडे मिट्टी में मिल जाते हैं और विकसित होते हैं।
अन्य बच्चे नंगे पैर चलने से , गंदे हाथों  से खाना खाने से या फिर बिना ढका हुआ भोजन खाने से, लार्वा के संपर्क में आने से संक्रमित हो जाते हैं कृमि से बचाव के लिए नाखून साफ व छोटे  रखे, हमेशा साफ पानी पीएं, खाने को ढक कर रखें,साफ पानी से फल व सब्जियां धोएं, अपने हाथ साबुन से धोएं। विशेषकर खाने  से पहले और षौच के बाद,खुले में षौच न करे, हमेषा षौचालय में करे,जूते पहने, आस-पास सफाई रखें। कृमि संक्रमण निवारण हेतु कृमिनाषन की एल्बेंडाजोल की गोल का सेवन ही सुरक्षित और लाभकारी हैं। सिविल सर्जन ने बताया कि बच्चों को मास्क अवष्य लगाये या प्लास्टिक की सीट पहनायें ,कुछ बच्चें अधिक खाना खाते है, परन्तु वह दुबले दिखते है क्योकि उनके पेट में कृमि होने की बजह से सारा पौषक तत्व कृमि खा लेती हैं और बच्चा दुबला और कमजोर रहता हैं। यदि बच्चा उलटा पेट के बल सोता हैं तो समझो पेट में कृमि हैं, ध्यान रखे कृमि से बचाव हेतु एल्बेंडाजोल की आयु अनुसार गोली खिलायें और बच्चों को कृमि के संक्रमण से बचायें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम सागर जिले में 13 से 23 सितम्बर  तक चलाया जावेगा 1 वर्ष से 19  वर्ष के बच्चों और किशोर-किशोरियों को शाला, आंगनबाडी केन्द्र एवं दल अपने अपने क्षेत्र में गृह भ्रमण के  दौरान एल्बेंडाजोल की गोली खिलायेंगें और समुदाय में गोली आयु अनुसार एवं खाने का तरीका भी बतलाया जावेगा।
कृमि मनुष्य की आंत में रहते हैं और जीवित रहने के लिए मानव शरीर के जरूरी पोषक तत्व को खाते हैं। यह एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम हैं कृमि मुक्त बच्चे-स्वस्थ बच्चे को एनीमिया की कमी भी हो जाती हैं, इससे सुरक्षा हेतु गोली अवश्य खिलाना हैं। लाभ - स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार होगा, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्वि, सीखने की क्षमता और कक्षा में उपस्थिति में सुधार। मध्यप्रदेश षासन द्वारा कोविड-19 महामारी को ध्यान  रखते हुये समुदाय में सुरक्षित समुचित स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर को बनाये रखने हेतु समुदाय आधारित गृह भ्रमण रणनीति के माध्यम से यह कार्यक्रम चलाया जावेगा।
शिवांग्नी तिवारी गर्भवती  से जानकारी ली गई कि उन्होंने जांच  कराली हैं, टी.टी लगवा लिया हैं, कोविड-19 का प्रथम डोज लग चुका हैं  क्या। एएनएम द्वारा अनमोल एप उक्त् जानकारी प्रविष्टि की है। इस कार्यक्रम में डॉ.एन.के.सैनी जिला स्वा.अघिकारी-2, डॉ. विपिन खटीक, डीएचओ-3, डॉ.आशीष जैन, शहरी प्रभारी अधिकारी, जॉली शाबू डीपीएचएनओ व अन्य कर्मचारी व वार्ड निवासी उपस्थित रहे आमजन से अपील की गई है कि 1 से 19 वर्ष के अपने बच्चों और किशोर -किशोरियों को शाला, आंगनबाडी केन्द्र, गृह के भेंट दौरान एल्बेंडाजोल की गोली खिलाएं।
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