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नये सब्जी उत्पादक किसानों को वेजफेड की समितियों से जोड़ने का अभियान शुरू

बिहार में नये सब्जी उत्पादक किसानों को वेजफेड की समितियों से जोड़ने का अभियान शुरू हो गया है। अभियान ऑनलाइन चल रहा है। इसके लिए सहकारिता विभाग ने एप्लीकेशन तैयार कर लिया है। 

fasalkranti.in
समाचार, 19 Oct, 2021

बिहार में नये सब्जी उत्पादक किसानों को वेजफेड की समितियों से जोड़ने का अभियान शुरू हो गया है। अभियान ऑनलाइन चल रहा है। इसके लिए सहकारिता विभाग ने एप्लीकेशन तैयार कर लिया है। लगभग 20 हजार नये किसानों को जोड़ लिया गया है। जल्द थोक सब्जी विक्रेताओं को भी वेजफेड लाइसेंस देने लगेगा। इसके लिए भी विभाग ने एप्लीकेशन तैयार कर लिया है। कॉम्फेड से आगे निकलने की होड़ में वेजफेड रोज नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। 

हर किसान तक अपनी पहुंच बनाने के लिए सहकारिता विभाग की इस संस्था ने पहले किसानों का सर्वे कराया। अब सभी किसानों को सदस्य बनाने के लिए सदस्यता अभियान चलाने का फैसला किया है। अभियान शुरू भी हो गया है। अभियान की नई व्यवस्था लागू हो चुकी है। पैक्सों की तर्ज पर ही सदस्यता की पूरी प्रक्रिया है। किसानों का आवेदन ऑनलाइन होगा।आवेदन में खेती की पूरी जानकारी होगी। स्वघोषणा देना होगा कि वह अपनी खेत के मालिक हैं या बटाईदार हैं। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने पर वेजफेड के अधिकारी आवेदनों की स्थलीय जांच करेंगे। उसके बाद दी गई सभी जानकारी सही निकली तो उन्हें सदस्य बना लिया जाएगा। 

राज्य के सब्जी उत्पादकों को किसान क्रेडिट कार्ड देने की व्यवस्था की गई है। सब्जी उत्पादकों की पूंजी की समस्या दूर करने के लिए यह काम राज्य के सहकारी बैंक ने शुरू कर दिया है। इसके अलावा सभी प्रखंडों में अपनी मंडी बनाने का काम भी चल रहा है। लेकिन सभी का लाभ तभी मिलेगा जब उत्पादक संगठित होकर समितियों से जुड़ेंगे। इसीलिए सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा, ताकि सभी किसानों को सरकारी सहायता मिल सके। पटना, नालंदा, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पं. चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, भोजपुर, बक्सर, छपरा, गोपालगंज एवं सिवान वेजफेड ने खुदरा बिक्री का काम पहले ही शुरू कर दिया है। 

हाल ही में सब्जी का व्यापार करने वाली कई बड़ी कंपनियां इसका खरीददार बन चुकी हैं। लेकिन, सदस्यों की संख्या कम होने से परेशानी होती है। लिहाजा जिन 20 जिलों में इसका काम चल रहा है वहां के सभी किसानों को जोड़ने के लिए सदस्यता अभियान चलाने का फैसला हुआ है। चूंकि बड़ी कंपनियां थोक में सब्जी रोज खरीदती है, लिहाजा संस्था ने अब थोक विक्रेता भी बहाल करने का फैसला किया है। उसका आवेदन भी ऑनलाइन लिया जाएगा। थोक विक्रेता के लिए हर सब्जी की मात्ना तय होगी। उससे कम नहीं खरीद सकेंगे।

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