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वित्तीय वर्ष 21 - 22 में मृदा जांच नमूनों में तेजी 

बिहार के पूर्वी चंपारण में वित्तीय वर्ष 2021-22 में कृषि विभाग द्वारा किसानों के खेतों की मिट्टी जांच की प्रक्रि या तेज की गई है। इस बार जिले के विभिन्न प्रखंडों से 20630 किसानों के खेतों से मिट्टी

fasalkranti.in
समाचार, 24 Sep, 2021, (अपडेटेड 24 Sep, 2021 06:36PM)

बिहार के पूर्वी चंपारण में वित्तीय वर्ष 2021-22 में कृषि विभाग द्वारा किसानों के खेतों की मिट्टी जांच की प्रक्रि या तेज की गई है। इस बार जिले के विभिन्न प्रखंडों से 20630 किसानों के खेतों से मिट्टी की जांच का लक्ष्य रखा गया। बावजूद इसके जिला कृषि कार्यालय परिसर स्थित प्रयोगशाला में विभिन्न प्रखंडों से मात्न 786 नूमना ही पहुंच सका हैं, वही अब तक मात्न 140 नमूनों की जांच की गई है, जबकि 646 अब भी शेष है। 

ऐसे में सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि सरकार द्वारा किसानों के हित को लेकर शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजनाओं को विभागीय अधिकारी व कर्मी कैसे पलीता लगा रहे है। मृदास्वास्थ कार्ड के प्रचार-प्रसार के लिए जनजागृति की आवश्यकता है। किसानों के खेत में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के साथ मिट्टी को उपजाऊ बनाने व खेती को उन्नत करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा वर्ष 2015 में प्रारंभ मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना शुरू की गई थी।

 

सात वित्तीय वर्ष में किसी भी वर्ष मिट्टी जांच का शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है।  इसके लिए विभागीय अधिकारियों, कर्मियों व जनप्रतिनिधियों को आगे आने की जरूरत है। सभी कार्यक्रमों व सभाओं में किसानों को खेतों की मिट्टी जांच कराने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है।जांच के लिए खेत से मिट्टी लेने के तकनीक पर भी काम नहीं हो रहा है। जैसे-तैसे लक्ष्य पुरा करने के लिए विभाग के कर्मी गीली खेत से भी जांच के लिए मिट्टी का नमूना संग्रह करने में जुटे है। जिले के मेहसी प्रखंड में कार्यरत कृषि समन्वयक नीलम कुमारी की देखरेख में बारिश के बीच गिली खेती से मिट्टी जांच के लिए नमूना संग्रह कराया गया है।

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