loader

बिहार में छात्नवृत्तिके लिए 13 करोड़ तो शिक्षकों के वेतन को 260 करोड़ रुपए 

बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों के बच्चों के बीच छात्नवृत्ति के भुगतान और शिक्षकों को वेतन देने के लिए फंड जारी कर दिया है।  राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों को वजीफे के भुगतान के लिए 

fasalkranti.in
समाचार, 21 Jul, 2021, (अपडेटेड 21 Jul, 2021 07:42PM)

बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों के बच्चों के बीच छात्नवृत्ति के भुगतान और शिक्षकों को वेतन देने के लिए फंड जारी कर दिया है।  राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों को वजीफे के भुगतान के लिए 13 करोड़ 45 लाख 33 हजार 800 रुपये जारी किये है। इस राशि से राजकीय एवं राजकीयकृत विद्यालयों, अनुदान प्राप्त प्रांरिभक विद्यालयों, मदरसों और संस्कृत विद्यालयों के अलावा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अधीन संचालित विद्यालयों के विद्यार्थियों की छात्नवृत्ति का भुगतान किया जाएगा। इसी के साथ मिड डे मिल योजना की खाता संचालन प्रक्रिया में भी विभाग ने बदलाव किया है। इन फैसलों की जानकारी सभी जिलों को दे दी गई है। इससे छात्नों और शिक्षकों का बड़ा तबका प्रभावित होगा। 

शिक्षा विभाग ने समग्र शिक्षा अभियान स्कीम के तहत शिक्षकों के वेतन मद में करीब 260 करोड़ जारी किया है। इसमें केंद्रांश के रूप में 155 करोड़ 99 लाख 62 हजार 385 रुपये और राज्यांश के तौर पर 103 करोड़ 99 लाख 74 हजार 909 रुपये शामिल हैं। इसकी जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारी ने दी। गौरतलब है कि कोरोना के कारण बिहार में 10वीं तक के स्कूल अभी बंद चल रहे हैं। प्रदेश के विद्यालयों में लागू मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) योजना की खाता संचालन की प्रक्रिया बदल गई है। 

नई व्यवस्था के तहत इस योजना के लिए जिला से विद्यालय स्तर तक संचालित बचत बैंक खाता के माध्यम से लेनदेन प्रक्रिया संचालित होगी। पुरानी व्यवस्था के तहत बैंक के माध्यम से अब किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाएगा। इस संबंध में मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक सतीश चंद्र झा ने सभी जिलों के मध्याह्न भोजन योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया है। निदेशक के मुताबिक नई व्यवस्था का उद्देश्य सार्वजनिक व्यय प्रबंधन में प्रभावी नकद प्रबंधन और पारिदर्शता लाना है।

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

समाचार से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

पाठकों की पसंद