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महिको किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध : डॉ. अजय गौड

कृषि क्षेत्र में लगातार तकनीकों का प्रयोग बढ़ता जा रहा है। इससे किसानों के लिए काफी आसानी हो रही है। देश में निजी क्षेत्र की बहुत सी कृषि कंपनियां कार्य कर रही हैं और किसानों को अत्याधुनिक कृषि तकनीक एवं उत्पाद उपलब्ध करा रही हैं। 

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साक्षात्कार, 13 Jun, 2021, (अपडेटेड 13 Jun, 2021 03:52PM)
कृषि क्षेत्र में लगातार तकनीकों का प्रयोग बढ़ता जा रहा है। इससे किसानों के लिए काफी आसानी हो रही है। देश में निजी क्षेत्र की बहुत सी कृषि कंपनियां कार्य कर रही हैं और किसानों को अत्याधुनिक कृषि तकनीक एवं उत्पाद उपलब्ध करा रही हैं। समय एवं किसानों की मांग के अनुरूप कृषि सेवा प्रदाता कंपनियां तकनीकों में परिवर्तन करती रहती हैं। इस बार कोरोना महामारी ने भी कृषि क्षेत्र को काफी प्रभावित किया है। ऐसे में कृषि व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए कृषि बीज कंपनी महिको की क्या गतिविधिया रही, जानते है कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी अजय कुमार गौड से।

महिको कंपनी के विषय में कुछ बतायें? 

महिको कृषि क्षेत्र की जानी-मानी कंपनी है। महिको की शुरुआत कंपनी के चेयरमैन डॉ. बी.आर. बारवाले के द्वारा की गई थी। शुरुआत से ही कंपनी का उद्देश्य किसानों उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराना है। महिको लगभग चार दशको से किसानों की सेवा कर रही है और उनको लगभग सभी फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध करा रही है। मौजूदा समय में महिको देश के किसानों के लिए एक जाना पहचाना नाम बन चुकी है।

कोरोना काल में किसानों की मेहनत को किस नजरिए से देखते हैं?

हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है। हमारे देश में 135 करोड़ से अधिक जनसँख्या रहती है। जिसका पेट भरने की जिम्मेदारी किसानों के ऊपर है, ऐसे मे कोरोना की पहली और दूसरी लहर ने देश में काफी नुकसान किया है। इससे हर एक क्षेत्र प्रभावित हुआ है। कृषि क्षेत्र पर भी कोरोना का काफी प्रभाव पड़ा है। कोरोना के बावजूद किसानों ने खेतो में काम किया है जिसके कारण कोरोना के बावजूद कृषि क्षेत्र ने लगातार तरक्की की है। यह हमारे कृषि क्षेत्र और पूरे देश के लिए गौरव की बात है। 

कृषि पर कोरोना का क्या प्रभाव पड़ा है? 

कोरोना का प्रभाव देश में लगभग सभी क्षेत्रों पर पड़ा है। ऐसे में यदि कृषि क्षेत्र के बारे में बात की जाए तो कृषि के क्षेत्र पर भी प्रभाव पड़ा है। हालांकि सरकार ने कोरोना की दोनों लहर में ही कृषि गतिविधियों को लॉकडाउन से मुक्त रखा था। बावजूद इसके कुछ दिनों तक कृषि उत्पाद निर्माण इकाई और लेबर की कमी, कृषि उपकरणों की कमी आदि समस्याओं का सामना करना पड़ा था। लेकिन अब स्थिति फिर से सामान्य हो रही है। उम्मीद है कि बहुत जल्द सभी परिस्थितियां सामान्य हो जाएंगी। 

कृषि क्षेत्र में डिजिटलीकरण का कितना योगदान है?

पिछले दो साल से हम कोरोना से जूझ रहे हैं ऐसे में किसानों तक कृषि की तकनीकी जानकारी पहुँचाना किसी चुनौती से कम नही था। ऐसे में कृषि क्षेत्र में डिजिटलीकरण का बहुत बड़ा फायदा किसानों को मिला है। डिजिटल माध्यम से किसानों तक कृषि सम्बन्धी जानकारी समय से किसानों तक पहुँचती रही। कई कृषि कंपनियों ने एप के माध्यम से किसानों तक जानकारी उपलब्ध कराई। डिजिटलीकरण का कृषि के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान है। यह एक क्रांतिकारी कदम है। 

महिको किसानों को कौन-कौन से किस्मों के बीज उपलब्ध करा रही है?

महिको किसानों को सभी फसलों के बीज उपलब्ध करा रही है। इसमें मुख्य रूप से बाजरा, कपास, सरसों, कैस्टर, चारा, मक्का, ज्वार, धान, बैंगन, मिर्च, खीरा, लौकी, भिन्डी, भिन्डी आदि फसलों के बीज उपलब्ध कराती है। महिको उच्च गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद किसानों को उपलब्ध कराती है। हम मुख्य रूप से मिर्च में भी काफी काम कर रहे हैं। हमारा प्रयास है किसानों को ऐसी वैरायटी के बीज उपलब्ध कराए जाए जिनमें रोगप्रतिरोधक क्षमता अधिक हो। इसमें हमारा कार्य लगातार जारी है। ऐसी किस्में जो रोगप्रतिरोधक क्षमता के साथ अधिक उत्पादन भी किसान ले सके यही हमारा प्रयास है।

किसानों को आप क्या कहना चाहेंगे?

कोरोना के चलते इस समय पूरा देश कठिन परिस्थियों से गुजर रहा है। कोरोना की वजह से बहुत नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए मैं किसानों से कहना चाहूँगा उनका देश की प्रगति में बहुत बड़ा योगदान है। इसलिए किसानों से अनुरोध है कि वे कोरोना से अपना बचाव रखें और साथ ही साथ सरकार द्वारा जारी की गई सभी गाईडलाइन्स का पालन करें।  

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